फिजियोथेरेपी में करियर कैसे बनाये How to Make a Career in Physiotherapy

फिजियोथेरेपी करियर की ढेरों संभावनाएं-

फिजियोथेरेपी में करियर कैसे बनायेफिजियोथेरेपी में करियर-आजकल के समय में फिजियोथेरेपी के करियर में काफी संभावनाएं देखने को मिल रही हैं| इस समय कई बीमारियों के लिए कारगर इलाज के रूप में भी इसे देखा जा रहा है जो की फिजियोथेरेपी की मदद से भी लाभदायक है| फिजियोथेरेपी का कोई साइड इफेक्ट नहीं है| इसलिए इसकी मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है|

फिजियोथेरेपी में करियर,बैचलर कोर्स में प्रवेश के लिए शैक्षणिक योग्यता-

  • इंटर(फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) 50 प्रतिशत अंकों के साथ
  • कोर्स की अवधि- 4 या 41/2 साल या यूनिवर्सिटी के अनुसार
  • उम्र सीमा- 17 साल से अधिक
  • मास्टर/डिप्लोमा/एमफिल व पीएचडी यूनिवर्सिटी के नियम के अनुसार

कारगर इलाज है फिजियोथेरेपी-

  • फिजियोथेरेपी चिकित्सा विज्ञान की एक शाखा है| फिजियो से तात्पर्य शरीर के बाहरी हिस्से का इलाज करना है| थेरपी से मतलब है व्यायाम, इलेक्ट्रोथेरपी व मसाज जैसी टेक्निक का स्टेप बाई स्टेप इस्तेमाल करके रोगों का इलाज करना|
  • सही मायने में देखा जाए तो फिजियोथेरेपी रोगी के शारीरिक इलाज के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी बीमारियों से लड़ने के लिए उसे सशक्त बनाती है|

फिजियोथेरेपी में करियर बनाने के लिए कोर्स-

  • फिजियोथेरेपी में आप डिप्लोमा, बैचलर, पीजी, एमफिल व पीएचडी तक के कोर्सेस में दाखिला ले सकते हैं| बैचलर लेवल के कोर्स को बीपीटी यानी बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी कहते हैं| कोर्स का ड्यूरेशन सामान्यत: साढ़े चार साल होता है| इसमें आखिरी छह महीने इंटर्नशिप के होते है|
  • एमपीटी यानी मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी, यह दो साल का कोर्स है इसमें आप समकक्ष विषय से विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं| इसमें न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरेपी, पिडियाट्रिक फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, ऑथ्रोपेडिक फिजियोथेरेपी, ऑब्सेक्ट्रिक्स फिजियोथेरेपी, पोस्ट ऑप्रेटिव फिजियोथेरेपी, कार्डियोवास्कुलर फिजियोथेरेपी आदि में स्पेशलाइजेशन भी किया जा सकता है|
  • फिजियोथेरपी कोर्सेस में एडमिशन लेने के लिए आप गवर्नमेंट व प्राइवेट, दोनों में से कोई भी कॉलेज चुन सकते हैं| गवर्नमेंट कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए आपको स्टेट या सेंट्रल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम पास करने होंगे| प्राइवेट कॉलेजों में कुछ कॉलेज डायरेक्ट एडमिशन लेते हैं व कुछ एंट्रेंस एग्जाम द्वारा एडमिशन लेते हैं|

फिजियोथेरेपी के जरिए कई बीमारियों का इलाज-

पोलियो, अस्थमा, सर्जरी के बाद रिहैबिलिटेशन, मांसपेशियों और हड्डियों के रोग या दूसरी क्रॉनिक बीमारियों से उबरने में फिजियोथेरेपी अहम भूमिका निभा रही है. हर मेडिकल सेंटर में अब फिजियोथेरेपिस्ट अनिवार्य रूप से रखे जा रहे हैं| सिर्फ अस्पतालों में ही नहीं बल्कि स्पोर्ट्स, आर्मी जैसे फील्ड में भी बतौर फिजियोथेरेपिस्ट करियर बना सकते हैं|

फिजियोथेरेपी बनने के लिए कोर्स फीस-

फिजियोथेरेपी कोर्सेस की फीस 30,000 रुपये से लेकर यूनिवर्सिटी के नियम के अनुसार अलग अलग हैं. कुछ यूनिवर्सिटी मेरिट के आधार पर स्कॉलरशिप भी देती हैं. इसके अलावा गवर्नमेंट से लेकर प्राइवेट संस्थान हैं, जो एजुकेशन के लिए स्कॉलरशिप भी देते हैं|

फिजियोथेरेपी से जुड़े स्किल्स-

  • कम्युनिकेशन स्किल
  • प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल
  • सहनशक्ति व जुझारु व्यक्तित्व
  • आत्मविश्वास

फिजियोथेरेपी के लिए संस्थानों में रोजगार की संभावनाएं-

  • गवर्नमेंट/ प्राइवेट हॉस्पिटल व क्लिनिक
  • रिहैबिलिटेशन होम्स
  • ओल्ड एज होम्स
  • हेल्थ सेंटर्स
  • स्कूल व चिल्ड्रेन सेंटर्स
  • नर्सिंग होम्स एंड डे सेंटर्स
  • चैरिटी ऑर्गनाइजेशन
  • स्पोर्ट्स क्लिनिक, क्लब, जिम सेंटर्स
  • आर्मी सर्विसेस

फिजियोथेरेपी की सैलरी-

  • करियर के शुरुआती दौर में आप 10,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक आसानी से कमा सकते हैं|
  • कई संस्थान इंटर्नशिप के दौरान ही छात्रों के काम को देखते हुए उन्हें अपने यहां बतौर फिजियोथेरेपिस्ट रख लेते हैं या फिर फिजियोथेरपी की टीम में शामिल कर लेते हैं|
  • अनुभव होने पर आप प्राइवेट क्लिनिक खोल सकते हैं या किसी बड़े संस्थान में बतौर फिजियोथेरेपिस्ट का काम करके आप अपने करियर को आगे बढ़ा सकते हैं|
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