फ्लाइट इंजीनियर कैसे बने How to Become Flight Engineer

फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए क्या करें Flight Engineering Course Education Tips   

फ्लाइट इंजीनियरएविएशन इंडस्ट्री से जुड़े सेक्टरों में से ही एक है फ्लाइट इंजीनियरिंग सेक्टर. यह एक ऐसा सेक्टर है जो युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. बहुत से स्टूडेंट्स है जो फ्लाइट इंजीनियर बनने का सपना देखते है. फ्लाइट इंजीनियरिंग बेहद ही जिम्मेदारी वाला प्रोफेशन है उड़ान भरने से पहले, उड़ान के समय और बाद में फ्लाइट के हर सिस्टम की जांच करने का काम फ्लाइट इंजीनियरस का होता है. विमान से जुड़े सभी कार्यों को फ्लाइट इंजीनियर ही देखते है जो छात्र फ्लाइट इंजीनियर बनना चाहते है वो कैसे इस फील्ड को अपना करियर बना सकते है इस बारे में आज हम आपको विस्तारपूर्वक बताएँगे.

फ्लाइट इंजीनियर के कार्य Flight Engineer Work

फ्लाइटइंजीनियर का प्रमुख कार्य एयरक्राफ्ट सिस्टम और उपकरणों की मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ उसे कंट्रोल करने का भी होता है विमान के इंजन से लेकर एयरक्राफ्ट के विंग्स की देख-रेख की जिम्मेदारी फ्लाइट इंजीनियर की ही होती है. ये इंजीनियर पायलट के साथ काम करते है. विमान जब उड़ान भरते है तब क्लाइंब या क्रूज करने के समय इंजन से लेकर ईंधन पर निगरानी रखने का काम बह फ्लाइट इंजीनियर का होता है.

फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए योग्यता Education Qualification of Flight Engineering

जो भी स्टूडेंट्स फ्लाइटइंजीनियर बनना चाहते है सबसे पहले उन्हें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ हायर सेकंडरी करनी होगी इसके बाद मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या फिर एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में डिग्री लेनी होगी. मैथ्स या फिजिक्स में ग्रेजुएशन करने के बाद भी फ्लाइट इंजीनियरिंग के फील्ड में करियर बनाया जा सकता है लेकिन इसके लिए आपको किसी मान्यताप्राप्त एविएशन इंस्टीट्यूट से फ्लाइट इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट और मेडिकल टेस्ट उत्तीर्ण किया होना चाहिए. ऐसे कई संस्थान है जो फ्लाइट इंजीनियरिंग कोर्स कराते है आप इनमें एंट्रेंस एग्जाम के जरिये एडमिशन ले सकते है.

जॉब की संभावनाएं Job Opportunity after Flight Engineering

एविएशन इंडस्ट्री हर साल एक बड़ी इंडस्ट्री के रूप में सामने आ रही है आने वाले समय में यह इंडस्ट्री करियर की दृस्टि से एक बड़ा क्षेत्र बनकर उभरेगा. फ्लाइट इंजीनियरिंग करने के बाद आप फ्लाइट इंजीनियरिंग के तौर पर किसी प्राइवेट या पब्लिक सेक्टर के एयरलाइंस कंपनीज, हेलीकॉप्टर कॉरपोरेशन, फ्लाइंग क्लब, डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट लैब, नेशनल एयरोनॉटिक लैब, सिविल एविएशन डिपार्टमेंट एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी आधी के साथ जुड़कर कार्य कर सकते है. अगर आप एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स की डिग्री हासिल कर लेते है तो आपके लिए सॉफ्टवेयर कंपनीज से लेकर नासा तक में जॉब के बेहतर अवसर खुल जाते है.

सैलरी पैकेज Flight Engineer Salary Package

गवर्नमेंट सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर्स में सैलेरी अलग- अलग स्केल पर तय की जाती है लेकिन फिर भी इस फील्ड में काम और एक इंजीनियर को शुरुआत में लगभग चार लाख रुपये सालाना आय मिलती है इसके अलावा कंपनी आपके प्रोफाइल को देखते हुए आपकी सैलेरी में समय समय पर इजाफा करती है.

FAQ-

प्रश्न- फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए क्या करें?

उत्तर-  फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए आपको फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ हायर सेकंडरी करनी होगी.

प्रश्न- फ्लाइट इंजीनियर कौन होता है?

उत्तर- उड़ान भरने से पहले, उड़ान के समय और बाद में फ्लाइट के हर सिस्टम की जांच करने का काम फ्लाइट इंजीनियरस का होता है. विमान से जुड़े सभी कार्यों को फ्लाइट इंजीनियर ही देखते है.

प्रश्न- फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए शैक्षिक योग्यता?

उत्तर-  फ्लाइट इंजीनियर बनने के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ हायर सेकंडरी करनी होगी इसके बाद मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या फिर एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में डिग्री लेनी होगी. मैथ्स या फिजिक्स में ग्रेजुएशन करने के बाद भी फ्लाइट इंजीनियरिंग के फील्डमें करियर बनाया जा सकता है.

प्रश्न- फ्लाइट इंजीनियर का सैलेरी पैकेज क्या होता है?

उत्तर- फ्लाइट इंजीनियर को लगभग 4 लाख रूपये सालाना आय मिलती है.

Question- How to become a Flight Engineer?

Answer- To become a flight engineer you have to do higher secondary education with physics, chemistry and maths subject.

Question- Flight Engineer works?

Answer- Flight Engineers works are to check every flight before and after Fly. Flight engineers look at all the tasks related to the aircraft.

Question- Education qualification to become a Flight Engineer?

Answer- Become a flight engineer you have to do higher secondary education with physics, chemistry and maths subject and after this you have to take a degree in mechanical, electrical or aeronautical engineering.