पढाई के लिए टाईमटेबल कैसे बनाये Time Tables for Study Planning

पढाई  कैसे करे महत्त्वपूर्ण टिप्स इन हिंदी Easy ways for Studies timetable Schedule –

पढाई के लिए टाईमटेबल कैसे बनायेपढाई के लिए टाईमटेबल कैसे बनाये- बिना टाइम टेबल के सही से स्टडी करना कठिन ही माना जाता है| यदि आपने टाइम टेबल नहीं बनाकर रखा है तो आपको सभी विषयों पर सही समय से फोकस नही कर सकते है|

स्टडी के लिए सभी विषयों पर फोकस करना बहुत महत्वपूर्ण है| ऐसे में हर स्टूडेंट्स यही चाहता है कि वह अपनी पढाई कैसे? और परीक्षा में सबसे अच्छे नंबर कैसे लाये इसलिए पढाई में अच्छी सफलता प्राप्त करने के लिए पढाई के लिए टाईमटेबल (Time Table) का महत्व बहुत जरूरी है क्योंकि अगर कोई भी क्षेत्र हो या चाहे वह पढाई ही क्यों न हो अगर अच्छी Planning और अच्छे टाईमटेबल (Timetable) के साथ पढाई की जाए तो हर विद्यार्थी अपने पढाई में अपना बेस्ट से बेस्ट दे सकता है| अक्सर सभी बच्चे पढाई के दौरान यह जरुर सोचते है कि काश उनके पास पढाई के लिए टाईमटेबल (Timetable) सबसे बढ़िया होता तो वह अपने पढाई को अच्छी तरह से कर सकते है ऐसा सोचना स्वाभाविक भी क्योंकि आप लोग देखते ही होंगे की कैसे स्कूल में एक दिन में सारे विषयों की पढाई की जाती है यानी हर सब्जेक्ट के लिए अलग अलग घंटे बने होते है जिनके हिसाब स्कूल में सभी विषयों की पढाई पर फोकस किया जाता है ताकि सभी विषय परीक्षा से पहले पूरी तरह Students को पढ़ा दिया जाए ताकि वे अपने सभी विषयों की परीक्षा दे सके और अच्छे नंबर ला सके|

पढाई के लिए पढाई के लिए टाईमटेबल के समय महत्व को समझे Value and Importance best time for study-

हर इन्सान के लिए 1 दिन में 24 घंटे का समय एक समान मिलता है जो लोग अपने समय का सही सदुपयोग करते है वही लोग अपने जीवन में सफल होते है| क्योंकि आप देख सकते है एक बड़े से बड़े वैज्ञानिक के लिए उतना टाइम मिलता है जितना की आप को, अब आपको यह निश्चय करना है कि आप आने जीवन के इस बहुमूल्य समय को कैसे उपयोग कर पाते है| अगर समय के महत्व को समझ गये तो  फिर कभी अपने जीवन में लेट या पीछे नही रह पाओगे और अपने लक्ष्य की ओर आसानी के साथ पहुच  सकोगे| साथ ही छात्रो को भी अपने पढाई के लिए समय के महत्व को समझना बहुत जरुरी है तभी आप आने वाली जिन्दगी में अपना नाम बना सकोगे|

अपनी जिम्मेदारियों की लिस्ट बनाये List for Responsibilities at work –

आज कल के समये में स्टुडेंट्स के लिए स्टडी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है कि वह लोग study करने का time नहीं बना पाते जिसके कारण वह अपनी पढाई अच्छे से नहीं कर पाते है| अधिकतर स्टुडेंट्स इस समस्या में उलझे ही हुए हैं| स्टुडेंट्स को इस समस्या को खत्म करने के लिए सबसे पहले अपने काम की एक लिस्ट तैयार करिये| लिस्ट में अपनी classes, job, chores, sports and exercise दिन भर में जो भी काम होते है उसकी पूरी लिस्ट बनाइए और फिर उसी list में अपना फोकस करें इसे आपको अपने समय के महत्त्व के बारे में जान पायेगे|

टाईमटेबल में अपने दिनभर के कार्यो की सूचि बनाके रखे Keep a list for Daily schedule-

जब हम घर पर पढाई के लिए टाईमटेबल Timetable बनाते है तो सबसे पहले सामने यही प्रश्न आता है कि हमारे पास 1 दिन में कितने घंटे का समय पढाई के लिए है तो ऐसी स्थिति में सबसे पहले आप अपने रोज के कार्यो की सूचि बनाये, जैसे सुबह कितने बजे उठना है कितने बजे नास्ता करना है, कितने बजे स्कूल जाना, कब आना है और फिर बचे कार्य के लिए समय निकालना, खेल के लिए समय और फिर अंत में जो समय बचे वही समय हमारे घर की पढाई के लिए काम आने वाला है अगर आप अपने इन सब कामो के लिए समय फिक्स करके रखेगे तो निश्चित ही जो आप पढाई के लिए टाईमटेबल (Timetable) बनायेंगे उसे लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते है|

पढाई के लिए टाईमटेबल पर जरुरी दे ध्यान Easy ways for Studies schedule timetable –

  1. सबसे पहले पढाई के लिए देर रात तक पढने के बजाय हमे सुबह जल्दी उठकर पढने का अभ्यास करना चाहिए, क्योंकि देर रात तक पढने से से हम खुद को थका हुआ महसूस करने लगते है और हो सकता है ज्यादा देर रात तक जगने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है इसलिए जब भी पढाई के लिए टाईमटेबल (Timetable) बनाये उसमे इस बात का ध्यान रखे की हमारी रात की पढाई एक निश्चित समय तक ही हो और फिर सुबह जल्दी उठकर पढना जरूरी है|
  2. वैसे तो पढाई के लिए सबसे अच्छा समय सुबह का ही माना जाता है तब मन शांत होता है और याद करने में बहुत असानी होती है| सुबह घर और आसपास का माहौल एकदम शांत रहता है जिससे की हम जो कुछ भी पढ़ते है उसे एकाग्र होकर आसानी से पढाई कर सकते है और जो कुछ भी पढेगे वह जल्दी और आसानी से याद भी होता है और सुबह उठने से सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि हम खुद को तरोताजा महसूस करने लगते है और हमारा स्वास्थ्य भी काफी अच्छा रहने लगता है|
  3. जब लोग पढाई करते है तो किसी एक विषय पर अपना सारा ध्यान फोकस करते है जबकि हमे तो एग्जाम अपने सभी विषयों के देने होते है तो ऐसी स्थिति में हम किसी विषय में खूब अच्छा नंबर ला देते है जबकि अन्य विषयों में कम नंबर आने से हमारा रिजल्ट का परसेंटेज काफी कम होने लगती है इसलिए जब भी पढाई के लिए टाईमटेबल बनाये उसमे सभी विषयों के लिए समय देना अधिक आवश्यक है|
  4. पढाई के लिए घर के शांत कमरे में रहकर पढाई करनी चाहिए और जहा हम पढ़ते है वहा रौशनी अच्छी हो और कभी भी बिस्तर पर लेटकर पढने के बजाय टेबल कुर्सी पर ही बैठकर पढना चाहिए इससे हमे नीद कम आने की सम्भावना रहती है|
  5. स्कूल जाने से पढाई नियमित बेस पर होती है और हमारे पढाई में सब्जेक्ट छुटने का डर भी बना रहता है और जो चीज हम स्कूल में पढ़ते है उसे घर पर आकर अच्छे से दोहरा भी सकते है और यदि स्कूल के बीच बीच के घंटे खाली हो तो पढाई से रिलेटेड विषयों पर Discuss करना चाहिए और हो सके तो खाली घंटो में अपने पढाये गये विषयों को दोहरा लेना चाहिए|
  6. जो सब्जेक्ट कठिन लगता हो उसके लिए अतिरक्त समय निकालना चाहिए और उससे कभी भागना नही चाहिए, ऐसा अक्सर देखा जाता है लोग Maths, Physics और chemistry से अक्सर दूर ही भागते है हमे इन विषयों से डरने के बजाय हमे क्या समझ में नही आ रहा है उस पर ध्यान फोकस (focus) करना चाहिए, निरंतर अभ्यास से यह विषय भी पढने में एकदम आसान लगने लगते है|
  7. लगातार पढाई करने के बजाय बीच बीच में जैसे ही हम दुसरे सब्जेक्ट की पढाई शुरू करते है तो हमे थोडा 5 – 10 मिनट आराम या टहल लेना चाहिए ऐसा करने से हमे थकावट का अनुभ नही रहता है|
  8. कभी भी अपने विषयों को रटने के बजाय ज्यादा से ज्यादा समझने पर ही अपना ध्यान लगाना चाहिए, रटने से हमे अपने सब्जेक्ट कुछ समय के लिए याद तो रह सकते है लेकिन फिर कुछ समय बाद भूल जाने का भी डर रहता ही है| यदि किसी विषय को याद करते है तो हमे उसे लिखते हुए याद करना चाहिए इससे यह फायदा होंगा की जो कुछ भी याद होगा उसे लिखने से हमारे दिमाग में अच्छे से बैठने लगेगा और भूलने की चिंता भी कम रहेगी साथ ही लिखावट भी अच्छी होने लगेगी ऐसा करने से फायदा ही होता है|

खुद को पढाई के लिए मानसिक रूप से तैयार करे Prepare mentally for study Timetable-

अक्सर विद्यार्थियों को जब पढने को कहा जाए या पढने को बैठते है तो उनके मन में ऐसे अनेको ख्याल आते है जैसे की अभी तो स्कूल में पढ़ा ही हुआ है बाद में पढ़ लेगे या फिर रात को देर तक पढेगे, नही सुबह जल्दी उठकर पढ़ लेगे| अब जरा सोचिये की क्या आपको किसी ने कहा की Facebook या Whatsapp चला लो नही न फिर भी आपका मन उन सब कामो के लिए तुरंत तैयार हो जाता है ऐसा क्यों, क्योंकि इसमें Interest आता है इसलिए ही हमारा दिमाग इन सब कामो के लिए बिना थके हुए हमेशा तैयार रहता है और “यदि यह चीज पढाई के लिए भी आ जाए तो फिर हमे पढने और पाने क्लास में टॉप करने से कोई नही रोक सकते, पढाई में उत्सुक (anxious) होना होगा और यदि जीवन में कुछ हासिल करना है तो सबसे पहले लक्ष्य बनाये और यह भी कोई जरुरी नही है आपका लक्ष्य बहुत बड़ा ही हो बस आप शुरुआत छोटे से ही करिए की हमे आज इसे करना ही है या इस साल हमे पढाई में इतने नंबर तो लाने ही है फिर देखना यदि आप लक्ष्य बनाकर पढाई करना शुरू करते है तो निश्चित ही आपको पढाई के प्रति Interest आने लगेगा फिर आपको अपने क्लास में अच्छे नंबर लाने से कोई नही रोक सकेता है”|

FAQ-

प्रशन- पढाई  के लिए अच्छा टाईमटेबल कैसे बनाये?

उत्तर- पपढाई के लिए टाईमटेबल बनाके चलना बहुत जरूरी है जैसे कि पढाई के लिए समय के महत्व को समझे, टाईमटेबल में अपने दिनभर के कार्यो की सूचि बनाके रखे, अपनी जिम्मेदारियों की लिस्ट बनाये और साथ ही खुद को पढाई के लिए मानसिक रूप से तैयार करे आदि|

प्रशन- पढाई  के लिए कितने घंटे का अध्ययन करना चाहिए?

उत्तर- पढाई  के लिए  आप कक्षा में अध्ययन लगभग दो से तीन घंटे व्यतीत करेगे ही और सबसे उपयुक्त पाठ्यक्रम लोड निर्धारित करने में सहायता के लिए फॉर्मूला का उपयोग करते है| प्रति सप्ताह कक्षा में 3 क्रेडिट घंटे (1 कोर्स) = 3 घंटे = 6-9 घंटे प्रति सप्ताह अध्ययन समय खुद की पढाई के लिए निकाले |

Question- What time is the best time to study?

Answer- The best time to study time is 2:00 PM and 6:00 PM of a day for reading-heavy tasks like studying literature and history. Now course because some of us tend to be “morning people” and others tend to be “night people” there’s a 2-3 hour variance depending on where you fall on that spectrum.

Question- How to Create Good Study Habits Routine for Students?

Answer- A Create Good Study Habits Routine for Students are-

  1. As you can see, visual learners learn best when pictures, images, and understanding is used.
  2. Solitary learners are able to learn best alone.
  3. Auditory learners prefer using music, sounds or both.
  4. Kinesthetic learners prefer a more physical style of learning through using the body, sense of touch and hands.
  5. Logical learners desire to use reasoning, logic and systems.
  6. Verbal learners will prefer using words in writing and speech.
  7. Social learners will prefer to learn with other people or in groups