कैसे पढ़ाए बच्चों को बिना परेशानी के how to teach childrens easily

बच्चों को पढ़ाने के कुछ आसान तरीके some easy tips for teach childrens

बच्चों को पढ़ाने के टिप्स जॉबआईसर्च इनआज के समय में ज्यादातर पेरेंट्स की परेशानी है अपने बच्चों को पढ़ाना अक्सर बच्चे आसानी से पढने के लिए मानते नहीं है तो उन्हें पढ़ाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है. कई पेरेंट्स तो कभी गुस्से में बच्चों पर हाथ भी उठा देते हैं, ऐसा कभी भी नहीं करना चाहिए जितना हो सके बच्चों को आसानी से व समझदारी से पढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए और सर्वप्रथम बच्चों को अनुशासन सिखाएं.

अनुशासन हर बच्चे के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है. आजकल कई माता – पिता बच्चों को शुरुवात से ही टूशन भेजना शुरू कर देते हैं. जितना हो सके बच्चों को घर पर अपने साथ ही पढ़ाने की कोशिश करें यहाँ पर आपको बच्चों को आसानी से पढ़ाने के कुछ आसान तरीके बताए गए हैं जो आपको आपके बच्चों को पढ़ाने में बहुत मदद करेंगे.

अनुशासन पर ध्यान दें (Focus on discipline) –

अनुशासन सभी के जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग होता है, अनुशासन से ही आपके बच्चों की पढाई का पता चलता है. जब आप अपने बच्चों को पढ़ाना शुरू करते हैं तो सबसे पहले उन्हें अनुशासन सिखाएं, की कैसे अपने से बड़ो से बात करनी चाहिए, स्कूल में कैसे बैठे, प्रतिदिन सभी को नमस्ते करें, कभी स्कूल में किसी से लड़ाई ना करें आदि. अनुशासन भी पढाई का ही एक भाग है इसलिए बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अनुशासन पर सबसे पहले ध्यान दें.

अपने बच्चों को अध्ययन के लिए मजबूर ना करें (Do not force your children to study) –

कई बार ऐसा होता है कि आप जबरदस्ती अपने बच्चों को पढने के लिए फ़ोर्स करते हैं. बच्चों का जब पढाई करने को मन करें तब उन्हें पढने देना चाहिए जब उनका मन नहीं करता तो उन्हें कभी फ़ोर्स नहीं करना चाहिए. अगर आप उन्हें जबरदस्ती पढने के लिए फ़ोर्स करते हैं तो वो पड़ने के लिए बैठ तो जायेंगे पर कुछ याद नहीं कर पाएंगे. बच्चे बहुत जिद्दी होते हैं इसलिए आप पढ़ाई का जितना दबाव डालेंगे वे उतना ही नहीं पड़ेंगे इसलिए बच्चों को हमेशा प्यार से समझाए और जब पढने के लिए बोले तो थोड़ा प्यार से बोले कभी भी अपने बच्चों पर पढाई का दबाव ना डालें.

ब्रेक अवश्य लें (Take a small break) –

बच्चों को लगातार पढाई के बीच में थोड़ा समय का ब्रेक अवश्य दें. क्योंकि लगातार पढाई करने से दिमाक थक जाता है और बच्चे पढ़ भी नहीं पाते हैं तथा लगातार पढाई से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं जैसे उनका स्वास्थ्य, उनके सामाजिक जीवन, और अकादमिक प्रदर्शन पर इसलिए युवा बच्चों को 20 मिनट से अधिक अध्ययन नहीं करवाना चाहिए, बच्चों को हमेशा हर 20 मिनट बाद छोटा सा ब्रेक अवश्य दें जिससे उनका दिमाक फ्रेश रहेगा और वो ज्यादा अच्छे से पढाई करेंगे. तथा जब आप बच्चों को थोड़े समय का ब्रेक देते हैं तो कुछ बातो पर अवश्य ध्यान दें –

  1. बच्चों को कभी भी ज्यादा समय तक टीवी, कंप्यूटर या मोबाइल पर बैठने ना दें इससे वे इनके आदी भी हो सकते हैं और उनकी आँखे भी कमजोर हो सकती हैं इसलिए बच्चों को ज्यादा समय तक इन सभी चीजों के सामने ना बैठने दें.
  2. हमेशा ध्यान दें की बच्चे खली समय में क्या कर रहे हैं जितना हो सके खाली समय में उन्हें पढाई से समंबधित कोई गेम खिलाएं या कुछ ऐसी बाते करें जो उनको पढाई में मदद करें और उन्हें अच्छी भी लगे.

 

बच्चों के दोस्तों के समूह पर ध्यान दें (Focus on the children’s friends group) –

आपका बच्चा स्कूल या खेलने जाता है तो अवश्य ही उनके दोस्त भी होंगे तो अपने बच्चे के दोस्तों पर अवश्य ध्यान दें क्योंकि आपके बच्चे के दोस्तों का व्य्वहार, आदत आपके बच्चे को प्रभावित करते हैं. इसलिए आपका बच्चा कैसे बच्चों के साथ खेलता है, स्कूल में कैसे बच्चों के साथ बैठता है आदी. आपके बच्चे की दोस्ती आपके बच्चों के पढाई को बहुत प्रभावित करती है. इसलिए अपने बच्चे के दोस्तों के साथ मिले उनसे बात करें जिससे आपको उनके आदत और व्य्वहार का पता चल जायेगा और आप अपने बच्चे की पढाई पर अच्छे से ध्यान दें सकते हैं.

इनाम की प्रक्रिया बनाए (Reward process) –

छोटे बच्चों को नए – नए गिफ्ट्स लेना बहुत पसंद होता है, अगर आप बच्चों को नए गिफ्ट्स का लालच दें तो वि कुछ भी करते हैं इसलिए बच्चों को गिफ्ट्स का लालच देकर पढ़ाने की कोशिश करें अर्थात कई बार बच्चे आसानी से पढाई नहीं  करते तो उन्हें बोले की अगर वे अच्छे से पढाई करेंगे तो उन्हें कुछ नया गिफ्ट दिया जायेगा और अगर वे पढाई नहीं करेंगे तो उन्हें कुछ भी नहीं दिया जायेगा. नए गिफ्ट्स पाने के लिए बच्चे पढाई जरुरु करेंगे क्योंकि छोटे बच्चों को नए गिफ्ट्स बहुत पसंद होते हैं.

 

बच्चों को पढ़ाने का रोचक तरीका ढूंढे (Find interesting way to teach children) – 

फ्लैश कार्ड, कई तरह के चित्र जो पढाई से समंबधित हो जो की आपके बच्चे को पढाई के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं ऐसे चार्ट अपने बच्चों के कमरे में चिपकाये। छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए अलग अलग तरीकों की कोशिश करें जिससे बच्चे पढाई को मनोरंजन के साथ पढ़े और उनका मन पढने को करे. कभी भी पढ़ाते समय बच्चों पर गुस्सा ना करे या उन पर हाथ ना उठाये क्योंकि बच्चे गुस्से से कभी पढाई नहीं करते इसलिए जितना हो उन्हें अच्छे से और प्यार से समझाकर ही पढ़ाए.

बच्चों के होम वर्क को चैक करें(check childrens homework) – 

जब आपका बच्चा स्कूल या टूशन से आए तो रोज उनका होम वर्क चैक करें और अपने साथ बिठाकर उनका होम वर्क पूरा करवाए, और होम वर्क पूरा करवाने के बाद उसी काम को दुबारा उनसे करवाए जिससे दिया गया होम वर्क बच्चों को उसी समय याद भी जायेगा. देखे की वे सही कर रहे हैं की नहीं और रोज स्कूल जाते समय भी उनका होम वर्क चैक करें.

बच्चों को पढ़ाना बहुत मुस्किल होता हैं क्योंकि बच्चे बहुत शैतान होते हैं, इसलिए उन्हें समझाना, पढ़ाना मुस्किल होता है, कई पेरेंट्स कंफ्यूज रहते हैं की कैसे अपने बच्चों को पढ़ाए, दिए गए सभी टिप्स आपको बच्चों को पढ़ाने में बहुत मदद करेंगे, दिए सभी तरीकों के अनुसार ही अपने बच्चों को पढ़ाए.