थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है मोटर इंश्योरेन्स क्यों है जरूरी Why should third party insurance necessary

थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है(What is third party insurance)-

थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है jobisearchबाइक, कार, ट्रक, मोटर बाइक या अन्य किसी भी मोटर बीमा के दो भाग होते है थर्ड पार्टी कवर और ओन डैमेज कवर। अगर आपकी गाड़ी से टकराकर किसी का जान-माल का नुकसान हो जाए तो उसकी भरपाई थर्ड पार्टी कवर (third party cover)से की जाती है दूसरा है ओन डैमेज कवर(own damage cover),जो आपकी अपनी गाड़ी या खुद के नुकसान की भरपाई के लिए है।

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दोनों इंश्योरेंस मिलाकर कॉम्प्रिहैंसिव कवर(comprehensive cover) कहलाता है। अगर कोई ओन डैमेज कवर ना ले तो भी उसे थर्ड पार्टी कवर हर  हाल में लेना ही होता है क्योकि इसके लिए है, क्योकि ये मोटर वेहिकल एक्ट(motor vehicle act) के तहत जरूरी होता है.

थर्ड पार्टी बीमा क्यों है जरूरी(Why should necessary third party insurance)

थर्ड पार्टी बीमा दुर्घटना में हुए नुकसान की भरपाई के लिए जरूरी होता है.अन्य तरह से हुए वाहन के नुकसान की भरपाई के लिए थर्ड पार्टी बीमा है जरूरी. वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा करना बहुत जरूरी होता है इससे आपकी और थर्ड पार्टी की सुरक्षा जुडी हुई होती है.

थर्ड पार्टी क्लेम करने की प्रक्रिया (Process of third party insurance)

थर्ड पार्टी क्लेम मोटर बीमा के मामले में दावों करने का सबसे सामान्य प्रकार होता है। इसमें वाहन के मालिक को नुकसान के बारे में बीमा कंपनी को तुरंत ही सुचना देनी होती है थर्ड पार्टी के मामले में कुछ डॉक्यूमेंट भी बहुत ही जरूरी होते है –

  • जैसे बीमित व्यक्ति के द्वारा हस्ताक्षर किया गया क्लेम फॉर्म
  • ड्राइविंग लइसेंस की कॉपी
  • पालिसी ऑफर की कॉपी
  • वाहन की आर सी की कॉपी
  • अवश्यहक स्टाम्प पेपर
  • कमर्शियल वाहन के परमिट

क्लेम करने में देर नहीं करनी चाहिए(Do not late for third party clam)

थर्ड पार्टी क्लेम को जल्द से जल्द दर्ज किया जाना बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योकि इस तरह के दावों में बहुत समय लगता है दुर्घटना के 24 से 48 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को इसकी सूचना जल्द से जल्द दे.

बिचोलियो की बातों में कभी ना आये(Never came into these intermediaries) –

ज्‍यादातर वाहन मालिकों और आम लोगों को थर्ड पार्टी बीमा के फायदे और नुकसान के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती है किसी भी वाहन का थर्ड पार्टी बीमा होना बहुत जरूरी होता है.

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थर्ड पार्टी क्लेम में अधिक देर होने का एक मुख्य कारण इसके बारे में अधिक जानकारी का नहीं होना है इसके लिए आप बीमा कंपनी को संपर्क कर सकते है क्लेम के लिए कभी बिचोलियो के चक्कर में नहीं पढ़ना चाहिए.

थर्ड पार्टी कवरेज की रकम(Third party coverage)-

थर्ड पार्टी कवरेज में दो तरह की कवरेज होती है- इंजरी कवरेज
(injury coverage)और प्रॉपर्टी डैमेज कवरेज(property damage coverage). मृत्यु हो जाने पर या चोट लगने पर मुआवजा आम तौर पर मोटर क्लेम एक्सिडेंट ट्रिब्यूनल(accidental tribunal) में तय होता है, जिसकी कोई लिमिट नहीं है। प्रॉपटी डैमेज की सीमा 7.5 लाख रुपये तक है।

प्रतियोगी परीक्षाओ में पूछे जाने वाले इंश्योरेन्स से सम्बंधित कुछ प्रश्न एवं उनके उत्तर –

प्रश्न१. थर्ड पार्टी बीमा क्या होता है?

उत्तर1.अगर आपकी गाड़ी से टकराकर किसी का जान-माल का नुकसान हो जाए तो उसकी भरपाई थर्ड पार्टी कवर से की जाती है जिसे थर्ड पार्टी बीमा कहते है.

प्रश्न २.थर्ड पार्टी बीमा क्यों जरूरी होता है?

उत्तर२. थर्ड पार्टी बीमा दुर्घटना में हुए नुकसान की भरपाई के लिए जरूरी होता है.

प्रश्न३. थर्ड पार्टी बीमा में कितने तरह की कवरेज होती है?

उत्तर३. थर्ड पार्टी बीमा में दो तरह की कवरेज होती है.

प्रश्न४. थर्ड पार्टी बीमा में प्रॉपर्टी डैमेज की सीमा कितनी होती है

उत्तर४.थर्ड पार्टी बीमा में प्रॉपटी डैमेज की सीमा 7.5 लाख रुपये तक होती है।

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