के वी पी क्या है किसान विकास पत्र के लाभ Meaning, features and Benefits of KVP

किसान विकास पत्र क्या है (What is Kisan Vikas Patra) –

किसान विकास पत्र क्या है जॉबआईसर्च इनआप सभी लोगो ने किसान विकास पत्र के बारे में तो अवश्य सूना होगा, जैसा कि किसान विकास पत्र के नाम से ही पता चल रहा है. कि ये योजना किसानों की भलाई के लिए चलाई गयी है. सरकार ने केवीपी को इसलिए प्रारम्भ किया. क्योकि इसके माध्यम से जो भी धन मिलेगा.

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उस धन को किसानों की भलाई से जुड़े प्रॉजेक्ट में लगाया जायेगा. इसी कारण, इसका नाम किसान विकास पत्र रखा गया। किसान विकास पत्र, को एक  इमोशनल टच भी माना जाता है. क्योकि जो भी व्यक्ति इसमें निवेश करता है. उसे लगता ही. कि इस धन का प्रयोग किसानों की भलाई के लिए किया जा रहा है। के वी पी निवेश का एक बेहतर निवेश के तरीका है. ये उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, तो अपनी पूँजी की सुरक्षा चाहते है.

किसान विकास पत्र का अर्थ (Meaning of Kisan Vikas Patra) –

किसान विकास पत्र (KVP) इन्वेस्टमेंट का एक निश्चित ब्याज (Fixed interest), व् दीर्घकालिक (long term) माध्यम है। किसान विकास पत्र भारत सरकार के डाक विभाग के द्वारा जारी किया जाता है. किसान विकास पत्र, भारत सरकार द्वारा समर्थित (Supported) तथा केंद्र सरकार की एक योजना हैं. किसान विकास पत्र का लाभ पोस्ट ऑफ़िस से लिया जा सकता है. किसान विकास पत्र (KVP) में निवेश राशि 110 महीने (नौ साल और दो महीने) में दोगुनी होती है. इसका अर्थ यह है कि केवीपी 7.8 % प्रति सालाना का रिटर्न आपको दे रही है।

मैच्योरिटी और ब्याज दर को इस तरह समायोजित (Well Adjust) किया गया है कि केवीपी में निवेश, परिपक्वता (Maturity) पर दोगुना हो जाता है। केवीपी किसी भी विभागीय पोस्ट ऑफिस (Departmental Post office.) से खरीदा जा सकता है।

किसान विकास पत्र के लिए निवेश सीमा (Investment limit Kisan Vikas Patra) –

किसान विकास पत्र (KVP) 1,000, 5,000, 10,000 और 50,000 रुपए के मूल्य (denomination) में जारी किए जाते हैं। इसमें निवेश करने के लिए न्यूनतम राशि 1000 रुपये है। तथा निवेश की कोई ऊपरी सीमा नहीं है।

किसान विकास पत्र, निवेशक (Investor) को किसी भी आय कर (Income tax) पर लाभ प्रदान नहीं करता है। हालांकि, परिपक्वता पर टीडीएस से निकासी (withdrawals) के समय आय कर (Income tax) में छूट दी जाती है.

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केवीपी राशि को आप 100 महीने (8 साल और चार माह) में वापस ले सकते है. केवीपी की परिपक्वता अवधि (maturity period) 2 साल 6 महीने (30 महीने) होती है.

किसान विकास पत्र के लिए कैसे करे पेमेंट (How to payment for Kisan Vikas Patra) –

किसान विकास पत्र में पेमेंट का भुगतान आप निम्न तरीको से कर सकते है: –

  • उसी बैंक के बचत खाता के विड्रावल फॉर्म पर इन्वेस्टर के साइन द्वारा
  • कैश पेमेंट द्वारा
  • चेक द्वारा
  • डिमांड ड्राफ्ट द्वारा

कैश पेमेंट के द्वारा केवीपी उसी समय इन्वेस्टर के हाथ में दे दिया जाता  है. परन्तु चेक / डिमांड ड्राफ्ट या अन्य किसी माध्यम से भुगतान करने पर किसान विकास पत्र कुछ समय बाद इन्वेस्टर को दिया जाता है.

किसान विकास पत्र के लिए आवश्यक योग्यता (Important eligibility for Kisan Vikas Patra)-
  1. किसी संस्थान, ट्रस्ट के माध्यम से भी केवीपी पत्र लिया जा सकता है.
  2. भारतीय वयस्क की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी अनिवार्य है.
  3. अवयस्क या नाबालिक के नाम पर भी उनके अभिभावक (Parents) द्वारा केवीपी खरीदी जा सकती है.
  4. दो वयस्को के द्वारा भी जॉइंट स्कीम के माध्यम से केवीपी पत्र खरीद जा सकता है.
किसान विकास पत्र में आयकर लाभ (Income Tax Benefit in Kisan Vikas Patra) –

किसान विकास पत्र में टैक्स पर कोई लाभ प्राप्त नही होता. अथार्थ केवीपी को को टैक्स सेविंग के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। इसमें इन्वेस्टमेंट पर सेक्शन 80 C के तहत टैक्स में कोई छूट नहीं मिलती है। इसके अलावा, केवीपी से  हासिल ब्याज पर भी टैक्स लगता है। तथा इससे हासिल ब्याज को टैक्सपेयर की कुल टैक्सेबल आय में जोड़ा जाता है. इसके पश्चात उस पर उसके टैक्स स्लैब के आधार पर टैक्स लगाया जाता था।

किसान विकास पत्र (केवीपी) के गुण (Properties of Kisan Vikas Patra (KVP)) –

  1. केवीपी निवेश (Investment) के लिए एक निश्चित ब्याज (fixed Interes ), दीर्घ-कालिक (long term), व् बिना जोखिम का मार्ग है.
  2. केवीपी अधिकृत डाकघरों में उपलब्ध है.
  3. केवीपी के लिए परिपक्वता 8 साल और 4 महीने तक है.
  4. केवीपी में 7.8 % प्रति वर्ष का रिटर्न मिलता है.
  5. केवीपी में न्यूनतम निवेश की सीमा 1000 /- रुपए तथा अधिकतम कोई सीमा नही है.
  6. केवीपी में नामांकन (nomination) की सुविधा उपलब्ध है.

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किसान विकास पत्र के लाभ (Benefits of Kisan Vikas Patra)-

  1. केवीपी यदि आप किसी अन्य धारक को स्थानांतरित (transfer) किये जा सकते है. जिसके लिए आपको बैंक या डाकघर (Post Office) को एक आवेदन पत्र (application) देनी होगी. परन्तु ट्रांसफर करने के लिए एक शर्त यह है. कि अन्य धारक (Holder) भी पालिसी के योग्य होना चाहिए.
  2. किसान विकास पत्र में 7.8 % प्रति वर्ष का रिटर्न मिलता है.
  3. किसान विकास पत्र किसी भी संस्था या ट्रस्ट द्वारा ले सकते है.
  4. किसान विकास पत्र में निवेश करने की न्यूनतम राशि केवल 1000 रुपए है.

किसान विकास पत्र से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न व् उनके उत्तर –

प्रश्न – केवीपी का पूरा नाम क्या है?

उत्तर – केवीपी का पूरा किसान विकास पत्र है.

प्रश्न – किसान विकास पत्र की परिपक्वता अवधि कितनी होती है ?

उत्तर – किसान विकास पत्र की परिपक्वता अवधि 30 महीने (2 वर्ष 6 महीने) होती है.

प्रश्न – किसान विकास पत्र के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स कौन-कौन से है –

उत्तर इन्वेस्टर को केवीपी के लिए दो पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र, एड्रेस प्रूफ़ और यदि आपका निवेश 50000 रुपए से अधिक है. तो उस कंडीशन में पैन कार्ड का होना अनिवार्य है.

प्रश्न – किसान विकास पत्र के खो जाने पर क्या करना चाहिए ?

उत्तर किसान विकास पत्र के खो जाने पर पोस्ट ऑफिस या बैंक में एक एप्लीकेशन  देकर आप केवीपी को दोबारा प्राप्त कर सकते है.

प्रश्न – क्या केवीपी कोई भी कर लाभ (Tax Profit) प्रदान करता है ?

उत्तर नही, केवीपी कोई भी कर लाभ (Tax Profit) प्रदान नही करता है.

प्रश्न – क्या, केवीपी में पैसा समय से पहले वापस लिया जा सकता है?

उत्तर हाँ, केवीपी में समय से पहले वापसी संभव है, लेकिन केवल लॉक-इन अवधि (lock-in period) के बाद।

प्रश्न – किसान विकास पत्र (केवीपी) में ब्याज दर क्या है?

उत्तर किसान विकास पत्र में 8.7% वार्षिक ब्याज दर  है।

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